पूर्व उप -राष्ट्रपति हामिद अंसारी के ब्यान पर हंगामा : कहा “धार्मिक कट्टरता” और “आक्रामक राष्ट्रवाद” का शिकार हुआ भारत   

दिल्ली , 21 नवंबर । शुक्रवार को एक वर्चुअल कार्यक्रम में देश के पूर्व उप- राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा था कि “कोरोना महामारी संकट से पहले ही भारतीय समाज दो अन्य महामारियों- ‘धार्मिक कट्टरता’ और ‘आक्रामक राष्ट्रवाद’ का शिकार हो चुका था.” इसी में जोड़ते हुए अंसारी ने यह भी कहा था कि “इन दोनों के मुक़ाबले ‘देश प्रेम’ ज़्यादा सकारात्मक अवधारणा है क्योंकि यह सैन्य और सांस्कृतिक रूप से रक्षात्मक है.”

 उनका यह बयान एक ख़ास वर्ग को ख़राब लगा है. इसे लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है. लोग लिख रहे हैं कि ‘भारत के सर्वोच्च पदों पर रह चुके हामिद अंसारी की राष्ट्रवाद के बारे में यह सोच अशोभनीय है.’

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने अंसारी के बयान पर कहा कि “हिन्दुत्व कभी भी कट्टरपंथी नहीं रहा. हिन्दुत्व हमेशा सहिष्णु रहा है. हिन्दुत्व इस देश की एक प्राचीन जीवनशैली है. हिन्दुओं ने कभी किसी पर या किसी देश पर हमला नहीं किया.”

हालांकि, कांग्रेस पार्टी ने अंसारी के बयान को सही ठहराया है. पार्टी के नेता तारिक़ अनवर ने कहा कि “बीजेपी को अंसारी के बयानों से ख़ास दिक़्क़त इसलिए है क्योंकि वो सीधे तौर पर बीजेपी और संघ परिवार के एजेंडे को निशाना बनाता है.”

हामिद अंसारी ने कब दिया ये बयान?

पूर्व उप-राष्ट्रपति ने यह बातें कांग्रेस नेता शशि थरूर की नई क़िताब ‘द बैटल ऑफ़ बिलॉन्गिंग’ के डिजिटल विमोचन के मौक़े पर कही थीं.  विमोचन के मौक़े पर उन्होंने देश के मौजूदा हालात को लेकर चिंता ज़ाहिर की. साथ ही उन्होंने कहा था कि ‘आज देश ऐसी विचारधाराओं से ख़तरे में दिख रहा है जो देश को ‘हम और वो’ की काल्पनिक श्रेणी के आधार पर बाँटने की कोशिश करती हैं.’

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