बीस रूपए में दुनिया की सैर, मेले में आज भी कायम है बाईस्कोप का जादू

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Faridabad News : भले ही अब गलियों में बाइस्कोप वाले न दिखें, सूरजकुण्ड मेले में बाइस्कोप देख सकते हैं। दशकों पहले अठन्नी या एक रूपये में आप एक झरोखे से दुनिया की सैर करते थे। यहां इसके लिए 20 रूपए खर्च करना होगा। इस बार सूरजकुण्ड मेले में महेश लोगों को बाइस्कोप दिखा रहे हैं।

महेश बताते है कि वह मेले में कई साल से आ रहे हैं। इससे पहले उनके पिता भी बाइस्कोप चलाते थे। महेश इस बार छह बाइस्कोप लेकर आए हैं, जिसमें बच्चों के लिए मनोरंजन का पूरा मसाला है। इस लुप्त होती कला के मेले का आयोजन हर राज्य में होना चाहिए। इन्हीं मेलों में बाइस्कोप जीवित हैं। मॉल कल्चर की वजह से इनका क्रेज खत्म होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेले में लगे बाइस्कोप को छोटे बच्चों के अलावा बड़े भी काफी इंटरेस्ट लेकर देखते हैं। एक बाइस्कोप में चार बच्चे आराम से एक साथ कई सारी चीजें देख सकते हैं। महेश बताते हैं कि दो मिनट के मनोरंजक दृश्यों में वह आगरा का ताजमहल, दिल्ली का कुतुब मीनार, झांसी की रानी लक्ष्मी बाई, आमिर खान, सलमान खान आदि की तस्वीरें दिखाते हैं। उन्होंने बताया कि बाइस्कोप का विकास राजस्थान में हुआ था। यहां के बड़े-बड़े रजवाड़ों के लोग इससे अपना मनोरंजन करते थे।

इस वजह से बाइस्कोप में इस बार राजस्थान के सुन्दर किले भी दिखाए जा रहे हैं। दो मिनट के इस मनोरंजक खेल के लिए वह मात्र 20 रूपए लेते हैं। दिल्ली शाहदरा से आई शालिनी व अनिता का कहना है कि बाईस्कोप देख उन्हें बचपन की याद आ गई। पहले ऐसे बाईस्कोप वाले गलियों में घूम-घूम कर बाइस्कोप दिखाते थे परन्तु आज भागदौड़ भरी जिन्दगी में लोगों के पास फुर्सत के कुछ क्षण भी नहीं है। आज सूरजकुण्ड मेले में बाईस्कोप को देख उन्हें बचपन की यादें फिर से ताजा करने का मौका मिला है।

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