सूरजकुण्ड मेले में कला, संस्कृति और संगीत का अद्भभुत संगम

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Faridabad News : सूरजकुण्ड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला में कला, संस्कृति और संगीत की एक अद्भभुत संगम देखने को मिल रही है और यह हमारे जीवन में एक विशेष महत्व भी रखता है और ये बेजोड़ संगम आपको मेला में हर तरफ दिखाई देगा। मेला में हर दिन कुछ न कुछ नया होता हैं और आज मेला परिसर की मुख्य चौपाल व छोटी चौपाल पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लोगों ने पूरी उत्सुकता के साथ आंनद उठाया।

तनजानिया के कलाकारों ने जबरदस्त करतब दिखाकर नृत्य प्रस्तुत किया और विशेष बैंड के माध्यम से विभिन्न प्रकार की कलाएं प्रस्तुत की। इन कलाकारों ने नमस्ते और राम-राम कहकर लोगों को सलाम किया और फिर अपना कार्यक्रम शुरू किया। जिम्मबाम्बे के कलाकारों ने भी अंंगोला संगीत प्रस्तुत किया और सुआली भाषा का प्रयोग करते हुए जबरदस्त करतबनुमा नृत्य प्रस्तुत करके लोगों को आर्कषित किया और तालियां बजाने पर लोगों को मजबूर किया।

चौपाल में आज गुजरात से आए नृत्य कलाकारों ने रंगारंग सिद्धी गोमा नृत्य प्रस्तुत करके लोगों के मन को सींच दिया और लोगों ने इस नृ़त्य को देखकर अपने आपे को खोते हुए तालियों की भरमार कर दी। सिद्धी गोमा गुजरात राज्य का एक पारपंरिक नृत्य हैं और यह वहां की एक विशेष जाति व समुदाय के द्वारा किया जाता है जो कि विशेष रुप से प्रसिद्ध भी हैं। चौपाल पर सिद्धी गोमा को देखकर ऐसा महसूस होता है जैसे कि दक्षिण अफ्रीका के लोग इस प्रकार का गीत गा रहे हैं परंतु असलियत में यह गुजरात का सिद्धी गोमा नृत्य हैं।

मुख्य चौपाल पर जम्मू एवं कश्मीर राज्य के कलाकारों द्वारा रुम डांस किया गया है जो जम्मू एवं कश्मीर का भी एक पारपंरिक नृ़त्य हैं और नृत्य भी मन को मोहने वाला नृत्य होता है। कलाकारों ने इस नृत्य को बाखूबी करते हुए लोगों को काफी आंनद और उन्हें तालियां बजाने पर मजबूर किया। इसी प्रकार मणीपुूर का ढाल चालों नृत्य भी लोगों के लिए आर्कषण का केन्द्र बना रहा ओर लोगों ने इस नृत्य को देखकर भी तालियां बजाकर कलाकारों की हौसला अफजाई की।

मेला परिसर के चौपाल पर थीम राज्य झारखण्ड के कलाकारों ने भी अपना नृत्य दिखाकर लोगों को आनंद पहुंचाया और लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया का जवाब तालियां बजाकर किया। रंगारंग संास्कृतिक कार्यक्रम किर्गीस्तान के कलाकारों ने बालीवुड के गानों पर दर्शकों को मन मोह लिया। इन कलाकारों ने मैं नाचु आज छम-छम के गाने पर बेहतरीन नृत्य प्रस्तुत किया। इसी प्रकार तजाकिस्तान के दोसाम्बे से आए कलाकारों ने भी बालीवुड के गानों पर नृत्य प्रस्तुत किया। मथुरा के कलाकारों ने मयूर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को अपने स्थानों से न उठने पर मजबूर किया। असम के कलाकारों ने बीहू नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया। इसी प्रकार, मेघालय के कलाकारों ने अपना पारंपरिक नृत्य खम्पा प्रस्तुत किया। चौपाल पर पंजाब पुलिस के ग्रुप ने भी पंजाबी गानों पर लोगों को थिरकने पर मजबूर किया और लोगों ने काफी आंनद उठाया। मेला में प्रतिदिन मुख्य चौपाल, मिनी चौपाल और नाटयशाला में लोगों के मनोरेंजन के लिए देश व विदेश के कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाती है।

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