करनाल में धरना शुक्रवार को चौथे दिन में प्रवेश , कल महापंचायत में होगी समीक्षा

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करनाल , 10  सितंबर : हरियाणा के करनाल में जिला सचिवालय पर किसानों का धरना शुक्रवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गया। सुबह 8:00 बजे पुलिस-पैरामिलिट्री कर्मचारियों की ड्यूटी बदलने से यहां हलचल शुरू हुई। वहीं किसानों ने राष्ट्रगान के साथ धरने की शुरुआत की। दोपहर बाद भाकियू हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम चढूनी ने कहा कि प्रशासन की ओर से वार्ता का कोई मैसेज आया तो किसान जरूर जाएंगे। 11 सितंबर को महापंचायत आंदोलन के 5 दिनों की समीक्षा की जाएगी।

चढूनी ने बताया कि प्रदेश के सभी किसान संगठनों के नेता और संयुक्त माेर्चा के पदाधिकारी पंचायत में भाग लेंगे। धरना लगातार बढ़ रहा है और व्यवस्थाएं भी बेहतर हो रही हैं। वहीं भाकियू असंध ब्लाक प्रधान जोगिंद्र सिंह झींडा ने कहा कि यदि सरकार नेट बंद नहीं करती हो धरने की हजारों की भीड़ लाखों में बदल जाती। सरकार किसानों को बांटना चाहती है। संयुक्त माेर्चा के बड़े लीडर कल आएंगे। सभी इस बात पर चर्चा करेंगे कि सरकार की मंशा को पूरा होने से कैसे रोकना है। कुरुक्षेत्र के किसान संजीव ने कहा कि धरने पर पहले दिन से ज्यादा किसान आए। कुछ किसान सिंघु बॉर्डर से करनाल धरने पर आने के लिए चले हैं। दूसरे स्थानों से भी किसान आ रहे हैं। लगातार भीड़ बढ़ रही है।

पिपली लाठीचार्ज में मरे सुशील को किया याद

इससे पहले किसानों ने इस दौरान बसताड़ा टोल पर लाठीचार्ज के बाद मरे सुशील काजल को याद किया। साथ ही पिपली में लाठीचार्ज का एक साल पूरा होने पर भी घटना का स्मरण किया गया। किसानों का कहना था कि पिपली की घटना के बाद अब तक कई बार पुलिस लाठीचार्ज कर चुकी है।

धरना स्थल पर महिलाओं के लिए भी की व्यवस्था 
किसानों ने चौथे दिन धरनास्थल को तीन भागों में बांट लिया। एक भाग महिलाओं के लिए अलग कर दिया। दूसरे में मंच सजाया। यहां माइक सैट, संचालक रहेंगे और वक्ता अपना भाषण देने के बाद पंडाल में चले जाएंगे। तीसरा भाग धरने पर पहुंचे पुरुषों के लिए है। वहीं किसानों ने गुरुवार को धूप में तेजी के कारण हुई समस्या को देखते हुए चौथे दिन शुक्रवार को धरने पर पंखों की संख्या बढ़ा दी।

शुक्रवार सुबह जब धरना शुरू हुआ उस समय जिला सचिवालय पर किसानों की संख्या मात्र 150 से 200 के बीच थी। दोपहर 1 बजे तक यह संख्या करीब 3000 से ज्यादा पहुंच गई। शुक्रवार को प्रदेश की कई खाप पंचायतें भी किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए धरनास्थल पर पहुंच रही हैं। वहीं आसपास के गांवों और शहरों से भी किसानों को समर्थन देने के लिए लोग पहुंच रहे हैं।

सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात 
धरनास्थल और शहर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और पैरामिलिट्री की 40 कंपनियों को बुलाया गया है। 5 जिलों के एसपी, 25 डीएसपी, 40 इंस्पेक्टर व्यवस्था बनाने के लिए लगाए गए हैं। करनाल, गुडगांव, रोहतक, हिसार, रेवाडी रेंज से फोर्स करनाल आई है। 10 कंपनियों में बीएसएफ, सीआरपीएफ, आरएएफ, आईटीबीपी शामिल हैं। मेवात, भिवानी, रेलवे अंबाला, कैथल व पानीपत के एसपी लगाए गए हैं। एक दिन पहले ही पुलिस और पैरामिलिट्री कर्मियों की ड्यूटी शिफ्टों में बांटी गई। सुबह 8 बजे शिफ्ट खत्म होने पर रात की पाली के जवान चले गए और दिन की शिफ्ट वाले जवान आए। इस आवाजाही से ही जिला सचिवालय पर धरने में थोड़ी हलचल शुरू हुई।

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