किसानों ने विश्वासघात दिवस समानाते हुए पुनः आंदोलन की चेतावनी दी

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चंडीगढ़ , 31 जनवरी  ( धमीजा ) : हरियाणा में आज कई शहरों में किसानो ने विश्वासघात दिवस मनाते हुए सरकार के खिलाफ पुनः आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। किसानों ने कहा कि सरकार ने किसानों के साथ वायदा खिलाफी की है , ना तो किसानों के खिलाफ दर्ज मुक़दमे वापिस हुए और ना ही एमएसपी के लिए कमेटी गठित हुई। शहीद किसानों के परिजनों के लिए भी अभी तक राहत का कोई कदम नहीं उठाया गया।  माना जा रहा है कि पंजाब व उत्तरप्रदेश सहित पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों में किसान आंदोलन का असर पड़ सकता है।

 आज हरियाणा के चरखी दादरी में एक बार फिर से किसानों ने खापों की अगुआई में सड़कों पर उतर कर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। किसानों ने विश्वासघात दिवस पर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया और  राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर उन्होने चेतावनी भी दी कि अगर किसानों की मांगे पूरी नहीं होती हैं, तो दिल्ली बार्डर को फिर से सील करने में देर नहीं लगेगी। प्रदेशभर की खाप पंचायतें किसानों के साथ मिलकर दोबारा से आंदोलन के लिए तैयार हैं।

फौगाट खाप की अगुआई में जिलेभर की खापों, सामाजिक और सरकारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान किसान रोज गार्डन में इकट्‌ठा हुए और सरकार की कथित वादाखिलाफी पर मंथन किया।  किसानों ने रोज गार्डन से लघु सचिवालय तक रोष प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। परशुराम चौक पर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया और लघु सचिवालय पहुंचकर एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चेतावनी दी कि किसान फिर से दिल्ली बार्डर को सील कर देंगे।

प्रदर्शन की अगुआई कर रहे फौगाट खाप के प्रधान बलवंत नंबरदार ने कहा कि किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस हों, केंद्रीय मंत्री टेनी का इस्तीफा हो और ट्रैक्टरों के चालान पर रोक लगाई जाए। ऐसा नहीं हुआ तो किसानफिर से आंदोलन कर सकते हैं।