कुलदीप बिश्नोई कांग्रेस से निकाले जाने के बाद आज चंद्रमोहन पहुंचे हिन्दुस्तान , साधी चुप्पी

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नई दिल्ली , 12 जून ( धमीजा ) : कांग्रेस पार्टी से कुलदीप बिश्नोई को निकाले जाने के अगले ही दिन उनके बड़े भाई और हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन बिश्नोई भारत लौट आए। चंद्रमोहन 4 मई को अमेरिका में अपने बेटे से मिलने गए थे। 11 जून को कुलदीप बिश्नोई को कांग्रेस द्वारा निकाले जाने के बाद ताजा सियासी हालात को देखते हुए वह तुंरत लौट आए।

चंद्रमोहन बिश्नोई रविवार दोपहर 12 बजे नई दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे। कुलदीप बिश्नोई के निष्कासन से जुड़े सवालों से बचते हुए चंद्रमोहन ने इतना ही कहा कि वह इस मुद्दे पर बाद में बात करेंगे। रविवार शाम को चंद्रमोहन के पंचकूला पहुंचने के बाद जब उनसे संपर्क किया गया तो उनके पीए ने बताया कि अभी वह विदेश से लौटे हैं। एक-दो दिन आराम करने के बाद इस पर प्रतिक्रिया देंगे।

कांग्रेस पार्टी द्वारा कुलदीप बिश्नोई को निकाले जाने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि चंद्रमोहन अपने भाई का साथ देते हुए कांग्रेस छोड़ेंगे या पार्टी में बने रहेंगे।

 राजनीति के पुराने धुरंधर रहे हैं चंद्रमोहन 

हरियाणा की राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी रहे चौधरी भजनलाल के बड़े बेटे चंद्रमोहन बिश्नोई 2005 में भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार में डिप्टी सीएम रह चुके हैं। वह कालका विधानसभा सीट से 4 बार विधायक रहे हैं। हालांकि अनुराधा बाली उर्फ फिजा के साथ धर्म परिवर्तन करके शादी करने के बाद उन्हें डिप्टी सीएम का पद गंवाना पड़ा।

फिजा प्रकरण के बाद चंद्रमोहन बिश्नोई राजनीतिक तौर पर हाशिए पर चले गए। कांग्रेस छोड़ने के बाद वह अपने भाई कुलदीप बिश्नोई के पास हजकां में चले गए। 2016 में हजकां के विलय के बाद कुलदीप के साथ वह भी कांग्रेस में वापस आ गए। वर्ष 2019 में उन्होंने पंचकूला विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। चंद्रमोहन 1993 से 2005 तक कालका सीट से विधायक रहे।

 कांग्रेस कुलदीप की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की कर सकती है कोशिश 

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग पर विधायक कुलदीप बिश्नोई को सभी पदों से निलंबित कर दिया है। पार्टी कुलदीप बिश्नोई की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश हरियाणा विधानसभा स्पीकर से कर सकती है। बता दें कि कुलदीप बिश्नोई ने निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा की अंतरात्मा की आवाज पर वोट दिया। वहीं एक कांग्रेस विधायक का वोट रद्द हो गया। जिस कारण कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार अजय माकन चुनाव हार गए। माकन को 31 कांग्रेस विधायकों के वोटों से 29 वोट ही मिले।