हरियाणा के पूर्व डीजीपी शील मधुर ने चलाया “तिरंगा मेरी शान ” अभियान , राष्ट्रीय ध्वज दिवस मनाने के लिए राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

Spread the love

फरीदाबाद, 1 जुलाई ( धमीजा ) : हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक शील मधुर ने कहा है कि राष्ट्रीय ध्वज के महत्व, इतिहास और आदर्शो को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य भी तिरंगा सेना करेगी। श्री मधुर शुक्रवार को फरीदाबाद गोल्फ  क्लब में एक संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होने कहा कि तिरंगा सेना राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए इसके रख-रखाव से संबंधित ध्वज नियमों और प्रोटोकॉल की समुचित जानकारी देने के लिए भी तिरंगा सेना कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज देश प्रेम की भावना और देशवासियों की आकांक्षाओं का पवित्र प्रतीक है, तिरंगा सेना एक खुशहाल और सशक्त भारत के निर्माण के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भी कार्य करेगी । श्री मधुर ने देशवासियों को आह्वान किया कि वे इस वर्ष 22 जुलाई का दिन भारतीय ध्वज दिवस के रूप में मनायें और तिरंगा मेरी शान मिशन को अपना समर्थन देकर राष्ट्रीय ध्वज दिवस घोषित कराने में अहम भूमिका निभाए। उन्होने कहा कि हमारे देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं और हम आजादी का अमृत महोत्सव भी धूमधाम से मना रहे हैं लेकिन यह अत्यंत खेद का विषय है कि हमारे देश के गौरव के प्रतीक तिरंगें के सम्मान में अभी तक केन्द्र में सत्तारूढ़ रही सरकारों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज दिवस की घोषणा नहीं की गयी है। उन्होंने कहा कि अपने देश भारत में लगभग 68 दिन विभिन्न विषयों पर राष्ट्रीय, विशेष दिवस के रूप में घोषित किये गये हैं, उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर अनेक देश और विशेष रूप से सर्वाधिक शक्तिशाली तथा विकसित देशों में भी उनके राष्ट्रीय ध्वज दिवस घोषित है, जिन्हें वे प्रतिवर्ष राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाते हैं। श्री मधुर ने कहा कि वे अपनी सामाजिक संस्था सादर इंडिया के जरिये पिछले डेढ़ वर्ष से 22 जुलाई का दिन राष्ट्रीय ध्वज दिवस घोषित कराने की मांग कर रहे हैं तथा तिरंगा मेरी शान मिशन के माध्यम से देश वासियों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगें की गरिमा तथा महत्व और ध्वज को सम्मान के साथ फहराने के नियमों, प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल के बारें में समुचित जानकारी दे रहे हैं। उन्होने बताया कि अब एक एप तिरंगा मेरी शान, तिरंगा सेना के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज दिवस घोषित कराने तथा तिरंगा सम्मान समारोह के लिए भी जनसमर्थन जुटा रहे हैं, उन्होने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे इस एप के माध्यम से जुड़ कर 22 जुलाई का दिन राष्ट्रीय ध्वज दिवस के रूप में घोषित कराने की मांग का पुरजोर समर्थन करें । श्री मधुर ने कहा कि लाल किले पर 26 जनवरी 2021 की शर्मनाक घटना के पश्चात उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की शान बढ़ाने का संकल्प लिया और सादर इंडिया के तत्वाधान में 28 फरवरी 2021 को लाल किले पर तिरंगा सम्मान यात्रा निकाली और केन्द्र सरकार से राष्ट्रीय ध्वज दिवस घोषित कराने की मांग भी कीए इसके साथ ही अन्य कई अवसरों पर आयोजित कार्यक्रमों के जरिये विभिन्न समाचार तथा संचार माध्यमों से राष्ट्रीय ध्वज दिवस घोषित कराने की मांग भी की, इसके साथ ही 26 जनवरी 2021 को हर-हर तिरंगा, घर-घर तिरंगा नारे को गुंजित कर तिरंगे में निहित आदर्शो को जन-जन तक पहुंचाने पर बल भी दिया गया। श्री मधुर ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज 22 जुलाई 1947 को अपने वर्तमान स्वरूप और विशिष्ट मानदंडो के रूप में अस्तित्व में आया था, जिसे स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में भारत की संविधान सभा ने स्वीकार किया था और मान्यता दी थी, इसलिए 22 जुलाई का दिन राष्ट्रीय ध्वज दिवस के रूप में घोषित किया जाना सर्वाधिक उपयुक्त होगा, उन्होंने उम्मीद जताई की राष्ट्रीय ध्वज दिवस का प्रावधान देशभक्ति की भावना को आगे बढ़ाने, हर एक व्यक्ति का जीवन खुशहाल बनाने तथा देश की एकता व अखंडता को और अधिक मजबूत बनाने तथा विश्व स्तर पर एक अग्रणी देश के रूप में स्थापित होने में सशक्त भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा के सपने को साकार करने में हम अवश्य कामयाब होंगें।
इस प्रैस वार्ता में श्री मधुर के साथ अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी कोच यासीन, इंटरनेशनल ताईक्वाड़ों खिलाड़ी यशिका व यूथ सोसायटी हरियाणा के अध्यक्ष सुरेश सिंह विशेष रूप से मौजूद थे।