यूपी की तरह अब फरीदाबाद में चला पीला पंजा ,गैंगस्टर मनोज मांगरिया के गुर्गे जावेद द्वारा ज़मीन कब्जा करके बनाई गई दुकानें , मकान और गोदाम ध्वस्त

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फरीदाबाद, 14 सितम्बर ( धमीजा ) : उतर प्रदेश सरकार की तरह अब हरियाणा सरकार ने भी अपराधी पृष्ठभूमि के लोगों के ठिकानों पर बुलडोज़र चलाने का निर्णय लिया है।  इसकी शुरुआत आज फरीदाबाद से की गई है। हरियाणा सरकार के आदेश पर फरीदाबाद में गैंगस्टर मनोज मांगरिया के गुर्गे जावेद द्वारा अवैध रुप से जमीन पर कब्जा करके बनाई गई दुकानों, मकान और गोदाम पर चला पीला पंजा। मांगरिया का गुर्गा जावेद करीब 14 साल से अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। पुलिस के अनुसार जावेद बदमाशी का रौब जमाने के लिए अपने साथियों के साथ अवैध हथियार व लाठी, डण्डों इत्यादी से लैस होकर पड़ोस व गांव के लोगो पर हमला कर भय पैदा करके जमीन कब्जाने का काम करता है। जावेद ने अपराधिक गतिविधियो मे संलिप्त रहकर अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति से काफी दुकानें बनाकर उनका किराया वसूल कर रहा था। फरीदाबाद पुलिस द्वारा आरोपी जावेद द्वारा बनाई गई अवैध दुकानो को चिन्हित किया गया। आज, चिन्हित दुकानों को पर्याप्त पुलिस बल के साथ पुलिस व नगर निगम द्वारा संयुक्त रुप से कार्यवाही करते हुए मांगरिया के गुर्गे जावेद की अवैध दुकानों को जमीदोंज कर दिया गया है।
बदमाश मनोज मांगरिया के खास गुर्गे जावेद पुत्र फतेली निवासी गांव बडख़ल थाना सूरजकुण्ड के खिलाफ जान से मारने, अवैध हथियार रखने और लाठी-डण्डों इत्यादी से लैस होकर हमला करने के 11 मुकदमें दर्ज है। जो अदालत में विचाराधीन है।
ज्ञात रहे कि सेंट्रल जेल अंबाला में बन्द गैंगस्टर मनोज मांगरिया कुख्यात बदमाश है, जिसके खिलाफ फरीदाबाद में संगीन धाराओं के अन्तर्गत हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध हथियार व गैंग बनाकर हथियारों से लैस होकर मारपीट इत्यादी के 17 मुकदमें दर्ज है। गैगस्टर मनोज मांगरिया पर 5 लाख का ईनाम था। जिसे फरीदाबाद क्राईम ब्रांच द्वारा वर्ष 2021 में गिरफ्तार किया गया था।
फरीदाबाद पुलिस द्वारा अवैध नशे के कारोबार व अन्य अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहकर अवैध रुप से अर्जित संपत्ति से बनाये गये दुकान, मकान इत्यादी को चिन्हित किया जा रहा है। हरियाणा सरकार के आदेशानुसार भविष्य में कानूनी कार्यवाही करते हुयें तोड़ दिया जायेगा। तोडफ़ोड़ की कार्यवाही के दौरान कानून व्यवस्था के मदेनजर उच्चधिकारी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ व भारी पुलिस बल के चलते तोडफ़ोड़ की कार्यवाही शांति पूर्वक रही।