हरियाणा में करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा पकडे जाने के बाद ज़रूरी हुआ छात्रों के लिए परिवार पहचान पत्र

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फरीदाबाद , 16 दिसंबर ( धमीजा ) : हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र ( पीपीपी )  माध्यम से लाखों फ़र्ज़ी ट्रांसक्शन पकडे जाने के बाद अब हर स्टूडेंट के लिए परिवार पहचान पत्र जरूरी कर दिया है। इसके लिए राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के साथ यूनिवर्सिटी को यह जिम्मेदारी पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्य को पूरा करने के लिए 31 दिसंबर तक की डेड लाइन तय की गई है।

हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र की बदौलत 37 लाख फर्जी ट्रांजेक्शन मामले पकड़े हैं। करीब 150 योजनाओं में ये लोग गलत तरीके से लाभ ले रहे थे। अपात्र लोगों के योजना से बाहर होने पर हरियाणा सरकार के 1,200 करोड़ रुपए की बचत होने का दावा किया है।

 शिक्षा विभाग बना रहा है फॉर्मेट 
सरकार के इस नए फरमान को लेकर हरियाणा शिक्षा विभाग एक फिक्स फॉर्मेट बना रहा है। इसमें स्टूडेंट की फैमिली आईडी बनाने के लिए शिक्षण संस्थान के साथ साझा किया जाएगा। इसके बाद संस्थान स्टूडेंट का विवरण एकत्र करेगा और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन उन छात्र छात्राओं से संपर्क कर उन्हें और उनके परिवार की फैमिली आईडी में पंजीकृत करेगा।

2.60 करोड़ लोगों का हो चुका है पंजीकरण 

पीपीपी पोर्टल पर लगभग 70 लाख परिवारों और 2.60 करोड़ सदस्यों का पंजीकरण हो चुका है। राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र भी पीपीपी के माध्यम से बनाए जा रहे हैं। 0-5 वर्ष के बच्चों का आधार पंजीकरण पर भी हरियाणा सरकार जोर दे रही है। पीपीपी कार्ड से अब तक 4.5 लाख वृद्धा पेंशन कट चुकी हैं। इस पर राज्य में खूब विवाद भी हो रहा है।