महिला कोच से उत्पीड़न मामले में मंत्री संदीप सिंह से 5 घंटे पूछताछ , महिला कोच का मोबाइल फोन ज़ब्त , मंत्री के खिलाफ खाप सक्रीय

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चंडीगढ़ , 4 जनवरी ( धमीजा ) : जूनियर महिला कोच के सेक्सुअल हैरेसमेंट केस से घिरे हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह से साढ़े 5 घंटे पूछताछ हुई। चंडीगढ़ पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम सुबह करीब 11.30 बजे मंत्री के घर पहुंची ,जिसके बाद मंत्री से लगातार पूछताछ की गई। इस दौरान करीब आधे घंटे तक जूनियर महिला कोच भी मंत्री की कोठी के अंदर रही। इस दौरान पुलिस ने सीन री-क्रिएट किया।

पुलिस पूछताछ में मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि महिला कोच का पंचकूला से झज्जर ट्रांसफर कर दिया गया था। जिसकी वजह से उन पर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं महिला कोच ने एक राजनीतिक दल के ऑफिस से कान्फ्रेंस की , इसके पीछे राजनीति की जा रही है।

वहीं कोच ने सवाल खड़े किए हैं कि जब मंत्री के खिलाफ गैर जमानती धाराएं लगाई गई हैं तो उन्हें अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया। महिला कोच के भी सुबह मजिस्ट्रेट के समक्ष 25 पन्ने के बयान दर्ज किए गए। जिसके बाद महिला कोच ने कहा कि पूरे मामले में हो रही कार्रवाई को देख लगता है कि जैसे वही आरोपी हो।

पीड़ित महिला ने कहा कि पुलिस पहले ही काफी लेट है। खेल मंत्री को 2 दिन पहले ही गिरफ्तार कर लेना चाहिए था। अब भी उन्हें गिरफ्तार कर लें। वहीं मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। पीड़िता ने कहा कि उन्होंने मामले में पूरी तरह जांच में सहयोग किया है और अब बयान भी दर्ज हो चुके हैं।

पीड़िता का फोन पुलिस में जब्त, आरोपी मंत्री का नहीं हुआ जब्त 
दीपांशु ने कहा कि पीड़िता का फोन पुलिस ने जब्त कर लिया। जबकि संदीप सिंह का फोन तक जब्त नहीं किया गया। ऐसे में संदीप सिंह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है। उन्हें जल्द गिरफ्तार कर मंत्री पद से हटाए जाने की मांग भी की गई है।

पांच बार बयान दे चुकी शिकायतकर्ता 
पीड़िता ने कहा कि वह पांच बार अपने बयान दे चुकी हैं और कई घंटे लगातार वह बयान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि जितना हो सकता था उन्होंने पुलिस जांच में सहयोग किया है। वहीं वह अपना फोन भी पुलिस जांच के लिए दे चुकी हैं।

 पुलिस ब्यान लेने जा रही आरोपी के घर, पीड़िता के ब्यान थाने में लिए 
पीड़िता के वकील दीपांशु बंसल ने कहा कि पीड़िता ने मामले में पुलिस को काफी विस्तृत बयान दर्ज करवाए हैं। अब यह पुलिस का काम है कि वह कार्रवाई करे। वहीं पुलिस पर आरोप लगाया गया कि यह अपराध दुष्कर्म के प्रयास का बनता था। उन्होंने कहा कि एक ओर पीड़िता थाने जाकर बयान दर्ज करवा रही है, वहीं पुलिस आरोपी संदीप सिंह के घर जा रही है। पुलिस को बिना किसी देरी के आरोपी संदीप सिंह को गिरफ्तार करना चाहिए।

गठित एसआईटी पर भी प्रश्नचिन्ह 

एडवोकेट दीपांशु बंसल ने सवाल उठाया कि हरियाणा पुलिस ने मामले में एसआईटी किस आधार पर बनाई है। वहीं बाद में इसका नाम बदल कर फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी कर दिया गया। वहीं आरोप लगाया कि सरकार ने हरियाणा पुलिस के जरिए पीड़िता पर दबाव पाने का प्रयास किया।

मंत्री के खिलफ खापों ने खोला मोर्चा 

महिला कोच द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों से घिरे भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कैप्टन संदीप सिंह भले ही अपना खेल मंत्रालय छोड़ चुके है, लेकिन मंत्री पद से इस्तीफे का दबाव अब भी उन पर कम नहीं हुआ है। उनके खिलाफ खापों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है।