हरियाणा के चर्चित आईएएस अशोक खेमका ने सीएम को पत्र लिख विजिलेंस में नियुक्ति की मांग की है , लिखा हर जगह व्याप्त है करप्शन

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चंडीगढ़ , 24 जनवरी ( धमीजा ) : हरियाणा के चर्चित आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने हरियाणा सतर्कता विभाग ( विजिलेंस ) में नियुक्ति की मांग की है। उन्होंने 23 जनवरी को मुख्यमंत्री मनोहर लाल को चिट्ठी लिखकर अपनी यह इच्छा जताई है। उन्होंने कहा है कि वह अपने इस कार्यकाल में भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म कर देंगे। साथ ही लिखा कि काम का एकतरफा बंटवारा जनहित में नहीं होता।

 56 बार हो चुका ट्रांसफर हो चुका 31 साल में 
हरियाणा के आईएएस अशोक खेमका अपने तबादलों को लेकर खासे चर्चा में रहते हैं। हाल ही में हरियाणा सरकार ने 9 जनवरी को उनका तबादला कर अभिलेखागार का मुखिया नियुक्त किया है। इससे पहले वह विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर तैनात थे। 31 साल की नौकरी में उनका 56 बार ट्रांसफर हो चुका है। 1991 बैच के आईएएस अधिकारी खेमका को चौथी बार अभिलेखागार विभाग दिया गया है। इस विभाग में सिर्फ 22 कर्मचारी काम करते हैं। जहां दूसरे विभागों का एनुअल बजट हजारों करोड़ होता है वहीं अभिलेखागार विभाग का बजट सिर्फ 4 करोड़ रुपए है।

हर जगह है भ्रष्टाचार- खेमका 
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में खेमका ने कहा है कि हर जगह करप्शन है। जब भी मैं इसको देखता हूं तो मुझे दुख होता है। कैंसर को जड़ से खत्म करने के उत्साह में मैंने अपने करियर का त्याग कर दिया है। कथित सरकारी नीति के अनुसार, भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म किए बिना, एक नागरिक का अपनी वास्तविक क्षमता हासिल करने का सपना कभी भी साकार नहीं हो सकता है। वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में हमेशा सबसे आगे रहे हैं और भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए सतर्कता सरकार का मुख्य अंग है।

ट्वीट कर जताया विरोध

ट्रांसफर के बाद आईएएस खेमका ने अपने ट्वीट में लिखा था कि ‘एक बार फिर अभिलेखागार विभाग मिला है। एक सरकारी अधिकारी को एक सप्ताह में कम से कम 40 घंटे का काम सौंपा जाता है, लेकिन अब ईमानदार और अपने काम के प्रति अडिग लोगों से निपटने की एक नई ट्रिक सोची गई है, जिसमें सिविल सेवा बोर्ड के नियमों को नजरअंदाज करते हुए कम से कम काम सौंपा जाए। उन्होंने लिखा है कि स्वाभिमान को नष्ट करो और अपमान का ढेर लगाओ। यह किसके हित में है?’

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