किसानों का एलान- 12 दिसंबर को दिल्ली-जयपुर हाईव करेंगे जाम , पूरे देश में फिर करेंगे प्रदर्शन

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

दिल्ली , 9  दिसंबर।  कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर बैठे किसानों को भारत सरकार से एक मसौदा प्राप्त हुआ है। इसके बाद किसानों ने सिंघु बॉर्डर पर बैठक कर सरकार के इस प्रस्ताव पर चर्चा की। बैठक के बाद किसानों ने सरकार के प्रस्ताव को मानने से इंकार कर दिया। किसानों का कहना है कि संघर्ष जारी रहेगा। इसी बीच किसानों ने 14 दिसंबर को देशभर में प्रदर्शन का एलान किया है।

इस दौरान किसान हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, यूपी और मध्य प्रदेश में धरना देंगे। धरना न लगाने वाले किसान इन प्रदेशों से दिल्ली कूच करेंगे। किसान नेताओं ने यह भी घोषणा की है कि 12 दिसंबर को पूरे देश के टोल प्लाजा मुफ्त कर दिए जाएंगे। वहीं संगठनों ने 12 दिसंबर को दिल्ली-जयपुर हाईव को जाम करने की चेतावनी दी है।
भाजपा मंत्रियों का करेंगे घेराव
किसान नेताओं ने कहा कि वे भाजपा मंत्रियों का घेराव करेंगे। कानून रद्द होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। वहीं देशभर में किसान अपना विरोध प्रदर्शन तेज करेंगे। दिल्ली-जयपुर हाईवे के अलावा किसानों ने दिल्ली की अन्य सड़कों को जाम करने की घोषणा की है। किसान संगठन तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर नया कानून बनाने पर अड़े हैं। हालांकि इस दौरान संगठनों ने यह भी कहा है कि अगर सरकार उन्हें दोबारा प्रस्ताव भेजती है तो वह इस पर विचार करेंगे।

प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के बाद किसानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और आंदोलन की आगे की दशा-दिशा के बारे में बताया। किसानों ने 4 अहम ऐलान किए…

1. किसान शनिवार को देशभर में टोल प्लाजा फ्री कर देंगे। दिल्ली-जयपुर हाईवे को बंद किया जाएगा।
2. देशभर के सभी जिला मुख्यालयों में 1. दिसंबर को धरना दिया जाएगा। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान के किसान इसमें शामिल होंगे। जो शामिल नहीं हो पाएंगे, वो दिल्ली कूच करेंगे।
3. अंबानी-अडानी के मॉल, प्रोडक्ट और टोल का बायकॉट किया जाएगा। जियो के प्रोडक्ट्स का भी बायकॉट किया जाएगा। जियो की सिम को पोर्ट करवाया जाएगा।
4. भाजपा नेताओं का नेशनल लेवल पर बायकॉट करेंगे। उनके बंगलों और दफ्तरों के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। कानूनों की वापसी तक आंदोलन नहीं थमेगा और ये तेज होता जाएगा।

किसानो की समस्याओं को लेकर विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मिले, राहुल बोले- हिंदुस्तान का किसान डरेगा नहीं
20 सियासी दल किसानों की मांगों का समर्थन कर रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार समेत विपक्ष के 5 नेता बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिले। इनमें माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, सीपीआई के डी. राजा और डीएमके के एलंगोवन भी शामिल थे।

 राहुल गांधी ने कहा, ‘किसान ने देश की नींव रखी है और वो दिनभर इस देश के लिए काम करता है। ये जो बिल पास किए गए हैं, वो किसान विरोधी हैं। प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि ये बिल किसानों के हित के लिए है, सवाल ये है कि किसान इतना गुस्सा क्यों है। इन बिलों का लक्ष्य मोदीजी के मित्रों को एग्रीकल्चर सौंपने का है। किसानों की शक्ति के आगे कोई नहीं टिक पाएगा। हिंदुस्तान का किसान डरेगा नहीं, हटेगा नहीं, जब-तक ये बिल रद्द नहीं कर दिया जाता।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *