हिसार में आज किसानों का ज़बरदस्त प्रदर्शन , भारी पुलिस बल एवं अर्द्धसैनिक बल तैनात , मुक़दमे होंगे वपिस

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हिसार , 24  मई : विगत  16 मई को किसानों और महिलाओं पर लाठीचार्ज और किसानों के खिलाफ बने पुलिस केस के खिलाफ आज सोमवार को हजारों की संख्या में किसान हिसार के क्रांतिमान पार्क में जमा हो गए । इस प्रदर्शन में किसान नेता राकेश टिकैत भी मौजूद थे। किसानों की भारी तादाद एवं रोष को देखते हुए हिसार शहर छावनी में तब्दील कर दिया गया था। कई शहरों से ट्रेक्टर ट्रालियों में भर भर कर किसान हिसार पहुँच गए , जिसे देख प्रशासन के पसीने छूट गए. मामले को निबटाने के लिए भारी पुलिस फ़ोर्स एवं पैरामिलिट्री लगानी पड़ी। पूरा दिन की गेहमागहमी एवं प्रशासन व् पुलिस के साथ किसान प्रतिनिधियों की मेराथन बैठक के बाद किसानो को आश्वासन दिया गया कि मामले की लीगल ओपिनियन लेने के बाद किसानों पर दर्ज मुकदमे वापिस लेने की कार्रवाई की जाएगी। इस किसान आंदोलन के दौरान हिसार के गांव उगालन के रामचंद्र ख़रब की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गयी , इस पर प्रशासन ने मृतक परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के साथ किसानों की और से राकेश टिकैत तथा गुरनाम सिंह चढूनी सहित कई बड़े किसान नेता मौजूद थे।

आज किसानों को दादरी के विधायक सोमबीर सांगवान भी समर्थन देने पहुंचे। जबकि हजारों किसानों को देखकर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और हिसार में पैरामिल्ट्री फोर्स, आरएएफ और रेंज से पुलिस की 40 कंपनियों की तैनाती कर दी गई। इसके अलावा काफी संख्या में पुलिस बल रिर्जव रखा गया । लघु सचिवालय को पूरी तरह से कंटीले तार लगाकर सील कर दिया। इतना ही नहीं टोल प्लाजा और हिसार शहर की सीमाओं पर पुलिस ने बेरिकेडिंग कर दी ।

किसान नेताओं को बातचीत का न्योता देने एसडीएम जगदीप सिंह  खुद क्रांतिमान पार्क पहुंचे और कहा कि एक कमेटी बनाकर प्रशासन से बातचीत की जाए। प्रशासन खुले मन से बातचीत को तैयार है। इसके बाद मंच से किसानों की कमेटी का ऐलान हुआ। मगर कमेटी के ऐलान के बाद राकेश टिकैत नाराज नजर आए।

क्योंकि उन्हें बताए बिना उनके गुट के सदस्य को कमेटी में शामिल कर लिया गया था। इसलिए जब गुरनाम सिंह चढ़ूनी सहित पूरी कमेटी लघु सचिवालय प्रशासन से बातचीत के लिए गई तो राकेश टिकैत साथ नहीं गए। करीब एक घंटे तक कमेटी के सदस्य लघु सचिवालय के बाहर राकेश टिकैत का इंतजार करते रहे, फिर अंदर गए। जबकि टिकैत पार्क में ही मंच पर भाषण देते रहे और बाद में बैठक में गए।

आज इसी दौरान हुई एक किसान की मौत

दूसरी ओर, प्रदर्शन में हिस्सा लेने क्रांतिमान पार्क पहुंचे हिसार के उगालन गांव के 60 वर्षीय किसान रामंचद्र की दिल का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। किसान नेताओं से बातचीत के दौरान मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया गया।

उच्च स्तरीय जांच की मांग

किसान सभा के जिला प्रेस सचिव सूबेसिंह बूरा ने बताया कि 16 मई को निहत्थे किसानों एवं किसान महिलाओं पर पुरुष पुलिस कर्मचारियों द्वारा लाठीचार्ज करते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े गए जिसमें सैंकड़ों किसानों को चोटें आई। बूरा ने घटना के लिए एसपी को जिम्मेवार ठहराते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

  शाम को हुई प्रशासन व किसान नेताओं में सुलह

कई घंटे तक चली किसानो व अधिकारियों की बैठक में हिसार रेंज के आईजी पुलिस , डीसी व एसपी सहित 26 सदस्यीय किसान प्रतिनिधिमंडल उपस्थित रहा। इस बैठक में प्रशासन ने किसान नेताओ को आश्वासन दिया कि 16 मई को किसानों पर दर्ज किये गए मामले वापिस ले लिए जाएंगे लेकिन  इसके लिए उन्हें कानूनी राय लेकर रास्ता निकालना पड़ेगा।

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