बैंक ऋण पर ब्याज और जुर्माने की माफी के बाद किसानों को मिला अब ये बड़ा तोहफा

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Haryana: विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही हरियाणा सरकार किसानों पर मेहरबान हो गई है। किसानों के बैंक ऋणों पर ब्याज और जुर्माने की माफी के बाद सरकार ने उन्हें एक और तोहफा दिया है। बिजली निगमों के डिफाल्टर दो लाख 44 हजार किसानों का ट्यूूबवेल बिलों का सरचार्ज माफ कर दिया गया है।

किसान 30 नवंबर तक बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल पत्ररकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बकाया राशि के भुगतान पर दो साल से बंद पड़े ट्यूबवेल कनेक्शन बहाल कर दिए जाएंगे, जबकि इससे अधिक पुराने कनेक्शन के लिए फिर से अर्जी लगानी पड़ेगी।

प्रदेश में कुल छह लाख दस हजार ट्यूबवेल कनेक्शन हैं जिनमें एक तिहाई से अधिक किसानों को बिजली निगमों ने डिफाल्टर घोषित किया हुआ है। इस दौरान सीएम के साथ कैबिनेट मंत्री कविता जैन व मुख्‍यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्‍लर भी मौजूद थे।

बता दें, इससे पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गत दिवस सहकारी बैंकों के ऋणी किसानों के लिए एक मुश्त निपटान स्कीम के तहत ब्याज व जुर्माने की करीब 4750 करोड़ की ब्याज और जुर्माना राशि माफ करने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से प्रदेश के लगभग दस लाख किसानों को सीधा फायदा होगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने किसान द्वारा सहकारी बैंकों से लिए गए मूल ऋण की अदायगी करने की अंतिम तिथि को 30 नंवबर तक बढ़ाने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक सहकारी कृषि समितियों, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास बैंक के ऋणी किसानों को इस घोषणा से सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के खाते इन बैंकों द्वारा एनपीए (नोन प्रर्फोङ्क्षमग अकाउंट) घोषित कर दिए गए थे और किसान अपने ऋणों को नया नहीं करवा पा रहे थे अब इस घोषणा के बाद किसान अपनी फसलों के ऋण खातों का चक्र बदलवा सकेंगे। उन्होंने बताया कि किसानों को सिर्फ अपनी मूल ऋण राशि ही जमा करवानी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक कृषि एवं सहकारी समितियों से लगभग 13 लाख किसानों ने ऋण ले रखें हैं। इनमें से 8.25 लाख किसानों के खाते एनपीए हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि पैक्स (प्राइमरी एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव सोसाइटी) की फसली ऋणों की चार प्रतिशत ब्याज दर राज्य सरकार वहन करती है और तीन प्रतिशत नाबार्ड वहन करता है।

फसली ऋणों की अदायगी समय पर न करने वाले किसानों को पांच प्रतिशत की दर से ब्याज पर पेनल्टी लगाई जाती थी, जो अब पूरी तरह माफ की जाएगी। चार प्रतिशत राशि राज्य सरकार की ओर से वहन की जाएगी और नाबार्ड की तीन प्रतिशत ब्याज की दर में से 1.5 प्रतिशत हरियाणा सरकार तथा 1.5 प्रतिशत पैक्स अपने स्तर पर वहन करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पैक्स के ऋणी किसानों को इस घोषणा से 2500 करोड़ का लाभ मिलेगा।

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