भाजपा का रथ रोकने को चौटाला की महागठबंधन की पेशकश, फिर बसपा को ऑफर

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Haryana: लोकसभा चुनावों में रिकॉर्ड जीत से उत्साहित भाजपा के विजय रथ को रोकने के लिए इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने फिर से महागठबंधन का प्रस्ताव दिया है। भाजपा और कांग्रेस पर केंद्रित हुई राष्ट्रीय राजनीति में बदलाव की जरूरत पर जोर देते हुए इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने कहा कि जब तक मजबूत विकल्प के रूप में आमजन को तीसरा मोर्चा नहीं मिलता, तब तक भाजपा को रोकना मुश्किल है।

राष्ट्रीय और प्रदेश कार्यकारिणी नए सिरे से गठित करने के बाद चंडीगढ़ स्थित एमएलए हॉस्टल में पत्रकारों से रू-ब-रू अभय चौटाला ने हरियाणा में फिर से बसपा से गठबंधन के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि बसपा से इनेलो के पुराने और मधुर संबंध रहे हैं। विगत लोकसभा चुनावों में बसपा ने ही समझौता तोड़ा। अगर वह फिर से हमारे साथ आती है तो हम गठबंधन पर विचार करेंगे।

अभय चौटाला ने संकेत दिए कि भाजपा को रोकने के लिए तीसरे मोर्चे की जरूरत है। उन्होंने इस संकेत के जरिये भाजपा विरोधी दलों को आपस में हाथ मिलाने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन इस संभावित महागठबंधन में कांग्र्रेस होगी या नहीं, यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

अभय चौटाला के अनुसार इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष बीडी ढालिया और राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक अरोड़ा के साथ वह खुद एक महीने तक फील्ड में रहकर जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठन को खड़ा करेंगे। चौटाला ने कहा कि 20 जून तक जिला और ब्लॉक स्तर पर पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी। ब्लॉक स्तर पर ढीले रहे प्रधानों की जगह जोशीले एवं अनुभवी कार्यकर्ताओं को तरजीह दी जाएगी।

अभय के अनुसार 30 जून तक सभी प्रकोष्ठों के साथ बैठकें कर संगठन का काम पूरा कर लिया जाएगा। 1 जुलाई से प्रधान महासचिव, प्रदेशाध्यक्ष और राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष की टीम सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की बैठक लेगी। हर दिन तीन विधानसभा क्षेत्र कवर किए जाएंगे।

इनेलो में रहकर जननायक जनता पार्टी (जजपा) के लिए काम कर रहे चारों विधायकों नैना चौटाला, अनूप धानक, राजदीप फौगाट व पिरथी नंबरदार को दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई के लिए फिर 15 दिन की मोहलत मिलने पर इनेलो ने विधानसभा अध्यक्ष पर सवाल उठाए हैं। अभय चौटाला ने कहा कि उन्हें लगता है कि चारों विधायक भाजपा में शामिल हो जाएंगे। इसलिए रणनीति के तहत विधानसभा अध्यक्ष ढाई महीने से बागी विधायकों को मोहलत देते आ रहे हैं।

चरखी दादरी में अवैध खनन और ओवरलोडिंग मामले में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ द्वारा मुख्यमंत्री मनोहर लाल को सीबीआइ जांच के लिए लिखी चिट्ठी को इनेलो ने मुद्दा बना लिया है। अभय चौटाला ने कहा कि डीसी और एडीसी को हटाने के बाद सरकार ने मामले की विजिलेंस जांच बैठाई, लेकिन उनके ही मंत्रियों को इस पर भरोसा नहीं। मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए क्योंकि डाडम में खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी सरकार की भूमिका पर सवाल उठा चुका है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि पहले की सरकारों में पर्ची और खर्ची चलती थी। अगर ऐसा है तो साढ़े चार साल बाद भी जांच के लिए कोई आयोग क्यों नहीं बनाया गया और दोषियों को जेल क्यों नहीं भेजा गया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में पर्ची-खर्ची का सिस्टम चरम पर है और सरकार में बैठे लोग भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबे हुए हैं।

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