रूस से आने वाले पैसे से बदलेगी गुरुग्राम की तकदीर, जानिए, CM मनोहर लाल का गेम प्‍लान

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Gurgaon: प्रदेश सरकार द्वारा एक बार फिर से विदेशी निवेश आकर्षित करने को लेकर प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस समय रूस में निवेश की संभावनाएं तलाश रहे हैं। वह इसे लेकर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ चार दिवसीय रूस की यात्रा पर हैं। वहीं उद्योग मंत्री विपुल गोयल भी अपनी लंदन यात्रा के दौरान निवेश की संभावनाओं को यहां तलाशते नजर आए। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण से जुड़ी यूरोपीय कंपनियों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

दक्षिण कोरिया और चीन की कुछ कंपनियों द्वारा प्रदेश में निवेश की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इससे सरकार को लगता है निवेशकों को लुभाने का यही सही समय है। साइबर सिटी के उद्योग जगत ने भी इस मामले में सरकार के प्रयासों को सराहा है। बता दें कि प्रदेश में जबसे भाजपा की सरकार आई है, उसके पहले ही दिन से विदेशी औद्योगिक निवेश को लेकर भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए सात-आठ मार्च, 2016 को हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया था। इसके बाद 10-11 जनवरी, 2017 को प्रवासी हरियाणा समिट व 15 सितंबर, 2017 को गुरुग्राम में डिजिटल हरियाणा समिट कराई गई।

इन सभी का मकसद प्रदेश को निवेश का हब बनाना था। इस दौरान लाखों करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव भी प्रदेश को मिले मगर जमीन पर इसका पांच फीसद भी नहीं आया। उद्यमी एसके आहूजा का कहना है कि निवेशक इन तमाम प्रयासों के बाद भी यहां दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। प्रदेश सरकार को इसका आकलन करना चाहिए। जो भी गतिरोध है उसे त्वरित गति से दूर कराना चाहिए। 19 जुलाई को प्रदेश में निवेश के इच्छुक दक्षिण कोरिया का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिला था।

वहीं कुछ दिन पहले चीन की एक नामी बैटरी निर्माता कंपनी का प्रतिनिधिमंडल भी गुरुग्राम आया था, जो गुरुग्राम सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाश रहा है।

ईज ऑफ डूईंग बिजनेस को जमीनी स्तर पर किया जाए लागू
कौशल विकास के क्षेत्र में तेजी से बढ़ा जाए आगे
औद्योगिक उत्पादों के लिए देश-विदेश में बाजार किए जाएं तैयार
श्रम कानूनों में औद्योगिक हित को ध्यान में रखते हुए किए जाएं बदलाव
बिजली को लेकर भी स्थिति में किया जाए सुधार
औद्योगिक हितों को ध्यान में रखने हुए नियमों का सरलीकरण
कच्चे-पक्के माल की खपत में संतुलन बनाए रखा जाए
लॉजिस्टिक मामलों में उद्योगों को दी जाए विशेष सुविधा
मौजूदा उद्योगों की मजबूती के लिए उठाए जाएं ठोस कदम

औद्योगिक कामकाज में विभागीय दखल को किया जाए बंद
देश-विदेश से पूंजी निवेश प्रदेश में लाने को लेकर प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है, जो सराहनीय है। इस मामले में प्रयास के मुकाबले सफलता का स्तर काफी छोटा है, ऐसा क्यों हैं इस पर सरकार को मंथन करना चाहिए। आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु व राजस्थान की ओर निवेशक लगातार आकर्षित हो रहे हैं। इसी प्रकार का वातावरण हरियाणा में भी तैयार होना चाहिए।
विकास जैन, अध्यक्ष, गुड़गांव चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री

गुरुग्राम ही नहीं प्रदेश भर में मौजूदा उद्योगों की स्थिति ठीक नहीं है। यहां के उद्योग प्रदेश के ब्रांड एंबेस्डर हैं। जब तक इनकी स्थिति में सुधार नहीं होता, तब तक देश-विदेश के निवेशक यहां आकर्षित नहीं होंगे। निवेश के मामले में प्रदेश क्यों पीछे है इनके कारणों की सही जानकारी सरकार को एकत्र करनी होगी। इसके लिए उद्योग जगत से सरकार को बेहतर तालमेल बनाना होगा।

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