हरियाणा: चुनाव से पहले एक हो सकता है चौटाला परिवार, अभय सिंह हर फैसला मानने के लिए तैयार

0
279

Haryana: हरियाणा में विधानसभा चुनाव का एलान होने से पहले चौटाला परिवार के एक होने पर बड़ी अपडेट सामने आई है. इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा है कि वह एक होने को लेकर कोई भी फैसला मानने के लिए तैयार हैं. अभय सिंह ने यह बयान खाप पंचायत के नेताओं से अपने दिल्ली निवास पर मुलाकात के बाद दिया. खाप पंचायत के नेता अभय सिंह चौटाला के पास परिवार के एक होने की अपील करने पहुंचे थे.

दहिया खाप के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने इंडियन नेशनल लोकदल के नेता अभय चौटाला से बीजेपी का मुकाबले करने के लिए एक होने की अपील की है. बता दें कि अभय सिंह चौटाला के बड़े भाई अजय सिंह चौटाला ने 2018 में परिवार में आपसी खींचतान के चलते इनेलो से अलग होकर जननायक जनता पार्टी बनाई थी. जेजेपी के अलग पार्टी बनने के बाद इनेलो की हालत काफी खराब हो गई और वह राज्य में पांचवें नंबर की पार्टी बनकर रह गई.

खाप पंचायत के नेताओं से मुलाकात के बाद अजय चौटाला ने किसी भी फैसले को स्वीकार करने की बात कही. उन्होंने कहा, ”मैं खाप पंचायत का कोई भी फैसला मानने के लिए तैयार हूं. खाप पंचायत बीजेपी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है और लोगों के मुद्दे उठा रहा है. अगर खाप पंचायत मुझे राजनीति छोड़ने के लिए कहता है तो मैं वह भी करूंगा. मैंने अजय सिंह पर भी फैसला छोड़ा है. अजय सिंह जो भी फैसला लेगा मैं वह मानने के लिए पूरी तरह से तैयार हूं.”

हालांकि अजय चौटाला ने कुछ दिन पहले अभय चौटाला से कोई भी राजनीतिक संबंध बनाने से इंकार किया था. अजय चौटाला के बेटे दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वह पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करने के बाद ही कोई फैसला लेगें. दुष्यंत ने कहा, ”पार्टी समर्थकों के सामने सारी बात को रखा जाएगा और उनकी राय से कोई भी फैसला किया जाएगा.” पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल चौटाला परिवार के नजदीकी हैं और उन्होंने ने भी दोनों भाईयों से एक होने की अपील की है.

इसलिए हुए थे पार्टी के दो फाड़

इंडियन नेशनल लोकदल को पूर्व डिप्टी पीएम रहे देवीलाल ने बनाया था. इस पार्टी की बागडोर हरियाणा के पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला के हाथ में थी. लेकिन 2013 में ओमप्रकाश चौटाला और उनके बड़े बेटे अजय चौटाला को जेबीटी घोटाले के मामले में 10 साल की सजा का एलान हुआ. इन दोनों के जेल जाने के बाद पार्टी की कमान ओमप्रकाश चौटाला के छोटे बेटे अभय सिंह के हाथ में आ गई.

वहीं 2014 में अजय सिंह चौटाला के बड़े बेटे दुष्यंत हिसार से लोकसभा सांसद चुने गए. दुष्यंत के सांसद बनने के बाद उनके और अभय सिंह चौटाला के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे. 2018 में अजय सिंह चौटाला ने इनेलो से अलग होते हुए जननायक जनता पार्टी बनाई.

जननायक जनता पार्टी के बनने के बाद इनेलो के हाथ से राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी का दर्जा भी चला गया. इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव में भी दोनों पार्टियों की हालत काफी खराब रही. 2014 के लोकसभा चुनाव में 24 फीसदी वोट शेयर हासिल करने वाली इनेलो को 2019 में सिर्फ 2 फीसदी वोट मिले, जबकि जेजेपी भी महज 7 फीसदी वोट शेयर पर सिमट कर रह गई. 2019 में दुष्यंत चौटाला को भी हिसार लोकसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here