दिल्ली-NCR के लिए जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट, आज की भारी बरसात के बाद जगह जगह हुआ ट्रैफ़िक जाम , लोग हुए परेशान

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New Delhi: गर्मी और उमस से जूझ रहे दिल्ली-एनसीआर (National Capital Region) के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) की ओर से राहत भरी खबर आई है। दिल्ली के साथ एनसीआर के कई इलाकों में बारिश हो रही है। दिल्ली से सटे गुरुग्राम में बारिश सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे शाम को पीक आवर में जगह-जगह जाम लगने की आशंका है।

फ़रीदाबाद सेक्टर -9 निवासी अरुण शर्मा व उनकी पत्नी नीरू शर्मा ने बताया कि बारिश के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा । वह बच्चों के साथ दिल्ली सफ़दरजंग एंकलेव गए , जहाँ भारी यातायात जाम के चलते उन्हें घंटो जाम में फँसे रहना पड़ा । दस मिनट का रास्ता क़रीब 1.30 घंटे में पार हुआ । फ़रीदाबाद से वहाँ पहुँचने में क़रीब तीन घंटे का समय लगा ।

इससे पहले बृहस्पतिवार को ही मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया दिया था कि शुक्रवार से दिल्ली का मानसून एक बार फिर से करवट लेगा और बारिश का दौर दोबारा शुरू होगा। यह दौर पूरे एक सप्ताह तक बने रहने के आसार हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक जुलाई के बाद अगस्त में बारिश कुछ बढ़ने की संभावना है। इसी सिलसिले में शुक्रवार और शनिवार के लिए मौसम विभाग ने आरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होती है। इसके बाद भी मंगलवार तक हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। तापमान भी 33 से 34 डिग्री सेल्सियस तक बना रहेगा। इसके बाद फिर से मौसम शुष्क हो सकता है।

स्काईमेट वेदर के अनुसार मानसून की अक्षीय रेखा अब दिल्ली के करीब आ रही है। ऐसे में अगले दो दिन अच्छी बारिश होने की संभावना है। हवा भी इस समय पूर्वी दिशा की चल रही है। जिससे अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

इससे पहले बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से एक डिग्री अधिक था। हवा में नमी का स्तर 57 से 88 फीसद रहा।

मौसम विभाग समय-समय पर ऐसे अलर्ट्स जारी करता है। क्या आपको पता है कि मौसम के बारे में सचेत करने के लिए भी कुछ चुनिंदा रंगों का प्रयोग किया जाता है। जैसे रेड अलर्ट, येलो अलर्ट या फिर ऑरेंज अलर्ट। मौसम विभाग के अनुसार अलर्ट्स के लिए रंगों का चुनाव कई एजेंसियों के साथ मिलकर किया गया है।

बता दें कि खासकर भीषण गर्मी, सर्द लहर, मानसून या चक्रवाती तूफान आदि के बारे में जानकारी देने के लिए इन रंगों के अलर्ट का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे-जैसे मौसम अपने चरम की ओर बढ़ता है, वैसे-वैसे अलर्ट गहरा लाल होता चला जाता है। इसी तरह किसी चक्रवाती तूफान की भीषणता भी इन्ही कलर कोड से होती है। जितना भीषण चक्रवात उतना ही ज्यादा लाल अलर्ट होता जाता है।

किस अलर्ट का क्या मतलब…

ग्रीन अलर्ट (Green Alret) : इसका आशय है कि कोई खतरा नहीं है

येलो अलर्ट (Yellow Alert) : खतरे के प्रति सचेत रहें। मौसम विभाग के अनुसार येलो अलर्ट के तहत लोगों को सचेत रहने के लिए अलर्ट किया जाता है। यह अलर्ट जस्ट वॉच का सिग्नल है।

ऑरेंज अलर्ट (Organge Alert) : खतरा, तैयार रहें। मौसम विभाग के अनुसार जैसे-जैसे मौसम और खराब होता है तो येलो अलर्ट को अपडेट करके ऑरेंज कर दिया जाता है। इसमें लोगों को इधर-उधर जाने के प्रति सावधानी बरतने को कहा जाता है।

रेड अलर्ट (Red Alert) : खतरनाक स्थिति। मौसम विभाग ने बताया कि जब मौसम खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है और भारी नुकसान होने की आशंका होती है तो रेड अलर्ट जारी किया जाता है

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