पाक के पीएम इमरान खान ने दी जंग की धमकी, कहा- PoK में कुछ किया तो हम जवाब देंगे

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New Delhi: जम्मू-कश्मीर पर भारत सरकार के फैसले के बाद पाकिस्तान के सियासतदानों की नींद उड़ी हुई है. किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा है, ऐसे में क्या राष्ट्रपति और क्या प्रधानमंत्री सभी गीदड़भभकी पर उतर आए हैं. आज पाक के पीएम इमरान खान ने कहा कि भारत अगर पीओके में कुछ करता है तो हम जवाब देंगे. भारत को युद्ध की धमकी देते हुए इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान की सेना तैयार है. वहीं आज पाक के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने लोगों को जेहाद के लिए उकसाया है. अल्वी ने कहा कि कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाएंगे.

इमरान खान ने कहा,” हम भारत को सबक सिखाएंगे. हम ईंट का जवाब पत्थर से देंगे. हमारी फौज पूरी तरह तैयार है. भारत ने पीओके में कुछ किया तो हम जवाब देंगे. ये जंग हुई तो दुनिया जिम्मेदार होगी.” बता दें कि इससे पहले वहां के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने भी बचकाना बयान दिया था. उन्होंने लोगों को जेहाद के लिए भड़काना शुरू कर दिया है. पाक के राष्ट्रपति ने युद्ध की धमकी देते हुए कहा कि कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाएंगे. उनका देश और देशवासी कश्मीर के लोगों के साथ खड़े रहेंगे. उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद, नई दिल्ली के फैसले के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का रुख करेगा.

बता दें की जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 जो राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देता था उसे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने हाल में ही खत्म कर दिया है. इसके अलावा सरकार ने राज्य का पुनर्गठन बिल भी सदन में पास कराया जिसके बाद अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बन गए हैं. भारत सरकार के इसी फैसले से पाकिस्तान को मिर्ची लगी हुई है.

एक तरफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति UN में जाने की बात तो कह रहे हैं लेकिन उन्हीं के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने खुद ही माना है कि संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान को समर्थन मिलना मुश्किल है. शाह महमूद कुरैशी ने कहा, ”यूएन सुरक्षा परिषद में हमें समर्थन मिलना मुश्किल है, हमें मूखों के स्वर्ग में नहीं रहना चाहिए. पाकिस्तानी और कश्मीरियों को ये जानना चाहिए कि कोई आपके लिए खड़ा नहीं है, आपको जद्दोजहद करनी होगी, जज्बात उभारना आसान है. बाएं हाथ का काम है मुझे दो मिनट लगेंगे, लेकिन मसले को आगे ले जाना कठिन है. सुरक्षा परिषद के 5 स्थायी सदस्य हैं कोई भी वीटो का इस्तेमाल कर सकता है.”

-भारत के साथ व्यापारिक संबंध तोड़ा.
-भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को कम करने का फैसला.
-भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को वापस भेजने का फैसला किया.
-कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में उठाने की बात कही.

  • द्विपक्षीय समझौतों की समीक्षा करने का फैसला किया.
  • समझौता और थार एक्सप्रेस ट्रेन की आवजाही रोकी
    -लाहोर-दिल्ली बस सेवा रोकी

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