राजनाथ सिंह ने इशारों में पाकिस्तान को दिया जवाब- परमाणु बम पर बदल सकती है संयम की नीति

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New Delhi: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को सैन्य तैयारियों का जायजा लेने जैसलमेर पहुंचे। यहां उनका स्वागत सेनाप्रमुख जनरल बिपिन रावत ने किया। रक्षामंत्री भारत के पश्चिमी सीमा पर सेना और सीमा सुरक्षा बल की सैन्य तैयारियों का जायजा लिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को पोखरण में कहा कि परमाणु युद्ध को लेकर अब तक हमारी नीति पहले इस्तेमाल न करने की रही है। अब भविष्य में क्या होता है, यह उस वक्त के हालात पर निर्भर करता है।

पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को संकेत दिए कि भारत परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल न करने से जुड़ी अपनी नीति को बदल भी सकता है। रक्षा मंत्री ने शुक्रवार को पोखरण में कहा, परमाणु आयुद्ध को लेकर अब तक हमारी नीति पहले इस्तेमाल न करने की रही है। अब भविष्य में क्या होता है, यह उस वक्त के हालात पर निर्भर करता है।

राजनाथ सिंह ने ये बयान पोखरन में दिया। ये वही जगह है जहां 1998 में भारत ने प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 5 न्यूक्लियर टेस्ट किए थे।. खास बात ये है कि आज पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि है। रक्षा मंत्री ने आज पोखरण में वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने ये बातें कही। वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के बाद राजनाथ सिंह ने कहा, ये एक संयोग है कि आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि है और मैं जैसलमेर में हूं। ऐसे में लगा कि मुझे उन्हें पोखरण की धरती से ही श्रद्धांजलि देनी चाहिए।

नो फर्स्ट यूज़ (NFU) का मतलब है तब तक न्यूक्लियर हथियार का इस्तेमाल न करना जब तक विराधी पहले इससे हमला न करे। भारत ने नूक्लियर हथियार आगे बढ़ कर पहले न इस्तेमाल करने की पॉलिसी 1998 में पोखरण-2 के बाद अपनाई थी। साल 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि भारत किसी भी दुश्मन के खिलाफ आगे बढ़कर न्यूक्लिर हथियार का इस्तेमाल नहीं करेगा।

जानकारी हो कि भारतीय सेना की टीम ने जैसलमेर सैन्य स्टेशन में आयोजित 5वीं अंतर्राष्ट्रीय आर्मी स्काउट मास्टर्स प्रतियोगिता में जीत हासिल की है। भारतीय सेना ने पहली बार प्रतियोगिता में भाग लिया था। सेना प्रवक्ता कर्नल सोंबित घोष ने बताया कि छह अगस्त से चौदह अगस्त के दौरान आयोजित प्रतियोगिता में आर्मेनिया, बेलारूस, चीन, कजाकिस्तान, भारत, रूस, सूडान और उज्बेकिस्तान सहित आठ देशों की टीमों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने पहली बार प्रतियोगिता में भाग लिया। भारतीय सेना की टीम को दक्षिणी कमान के तत्वावधान में चुना और प्रशिक्षित किया गया।

भारतीय सेना की टीम ने जैसलमेर सैन्य स्टेशन में आयोजित 5वीं अंतर्राष्ट्रीय आर्मी स्काउट मास्टर्स प्रतियोगिता में जीत हासिल की है। भारतीय सेना ने पहली बार प्रतियोगिता में भाग लिया था। सेना प्रवक्ता कर्नल सोंबित घोष ने बताया कि छह अगस्त से चौदह अगस्त के दौरान आयोजित प्रतियोगिता में आर्मेनिया, बेलारूस, चीन, कजाकिस्तान, भारत, रूस, सूडान और उज्बेकिस्तान सहित आठ देशों की टीमों ने भाग लिया।

उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने पहली बार प्रतियोगिता में भाग लिया। भारतीय सेना की टीम को दक्षिणी कमान के तत्वावधान में चुना और प्रशिक्षित किया गया। उन्होंने बताया कि इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम का संचालन करने के लिए जैसलमेर सैन्य स्टेशन में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार किया गया था।

घोष ने बताया कि प्रतियोगिता का समापन समारोह 16 अगस्त को जैसलमेर में आयोजित किया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, जनरल ऑफिसर कमांडिंग दक्षिणी कमान, भाग लेने वाले राष्ट्रों के अधिकारी और अंतर्राष्ट्रीय आयोजन समिति के सदस्य समापन समारोह में शामिल होंगे।

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