फरीदाबाद के सिंघराज ने पैरा ओलिंपिक में जीता ब्रोंज मैडल , सीएम सहित मूलचंद शर्मा व् सीमा त्रिखा ने दी बधाई

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फरीदाबाद , 31  अगस्त :  जिले के बल्लभगढ क्षेत्र के तिगांव के सिंहराज अधाना ने टोक्यो पैरालिंपिक के सातवें दिन 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 के फाइनल में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता। अधाना 216.8 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। 237.9 अंकों के साथ चीन के यांग चाओ गोल्ड जीतने में सफल रहे, जबकि चीन के ही हौंग जिंग के खाते सिल्वर मेडल आया। जन्म से पोलियो ग्रस्त अधाना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुश्किलें को दरकिनार कर सफलता पाने के लिए बधाई दी। पैरालिंपिक खलें से पहले प्रधानमंत्री ने टोक्यो जाने वाले 10 खिलाड़ियों से ऑनलाइन बात की थी। संवाद के दौरान सिंहराज से प्रधानमंत्री ने करीब छह मिनट बात की थी। अधाना मूल रूप से तिगांव के हैं और मौजूदा समय में उनका परिवार बल्लभगढ़ के ऊंचा गांव में रहता है। वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी ट्वीट कर सिंहराज की उपलब्धि पर बधाई दी है।

हरियाणा के परिवहन मंत्री ने ट्वीट कर सिंघराज को बधाई दी है, जबकि विधायक सीमा त्रिखा ने स्वयं उनके घर जाकर सिंह राज के पिता को फूलों का बुक्का देकर बधाई दी , उन्होंने कहा की सिंघराज ने फरीदाबाद का ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है । चंडीगढ़ होने के कारण परिवहन मंत्री मूलचन्द शर्मा के बड़े भाई टिपरचंद शर्मा ने सिंघराज अधाना के घर पहुंचकर उनके परिजनों को दी बधाई। शूटर सिंघराज के पिता प्रेम सिंह अधाना को शॉल भेंट और पुष्प गुच्छ भेंट कर दी बधाई। टिपरचंद शर्मा ने कहा कि आज सिंघराज अधाना ने बल्लभगढ का नाम पूरी दुनिया मे ऊंचा किया है और उन्हें आशा है कि आगामी स्पर्धा में सिंघराज 50 मीटर में गोल्ड जीतेंगे।
इस अवसर पर सिंघराज के पिता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज उनके बेटे की मेहनत रंग लाई है और वह हमेशा देश का नाम ऊंचा करता रहेगा। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन से ही यह संभव हो पाया। इस मौके पर सी एम विंडो शिकायत समिति बल्लबगढ के संयोजक पारस जैन, पूर्व पार्षद दयाचंद यादव, योगेश शर्मा, अशोक शर्मा, परिवहन मंत्री के पीआरओ जोगेंद्र रावत, सतीश अधाना और ऊंचा गांव के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सिंहराज के सपने के लिए पत्नी ने बेच दिए थे गहने
एक साधारण किसान प्रेम सिंह के परिवार में जन्मे सिंहराज अधाना ने अपने प्रदर्शन से साबित कर दिया कि यदि हौसला बुलंद हो तो शारीरिक सीमाएं बाधा नहीं बन सकतीं। परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए सिंहराज को जबरदस्त संघर्ष करना पड़ा। उनकी पत्नी ने पति के सपने पूरे करने के लिए अपने गहने तक बेच दिए थे। सिंहराज ने विश्वकप में स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक कोटा हासिल किया था। परिवार की आर्थिक हालत ठीक न होने के बावजूद कोरोना के बाद अनलॉक शुरू होते ही सिंहराज ने 10 मीटर व 50 मीटर एयर पिस्टल की रेंज तैयार कराई। इस शूटिंग रेंज के लिए सिंहराज को वर्ष 2018 में एशियन गेम्स में सफलता पर प्रदेश सरकार से मिली इनामी राशि काम में आई।

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