फरीदाबाद चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष बत्रा ने उठाया उद्योगों की समस्याओं के समाधान का उठाया बीड़ा , सरकार से ना मिली राहत तो जायेंगे अदालत

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फरीदाबाद , 8 जुलाई ( धमीजा ) :  फरीदाबाद चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज(एफसीसीआई) के लगातार दूसरी बार निर्वाचित अध्यक्ष एचके बत्रा का कहना है कि वह शहर के उद्योगों की समस्याओं का समाधान  करवाने के लिए प्राशसनिक एवं सरकार के हर स्तर पर पुरजोर प्रयास करेंगे।  यदि प्रशासन  और सरकार के स्तर पर सुनवाई ना हुई या समस्या का निवारण ना हुआ तो चैम्बर अदालत की शरण भी लेगा लेकिन उद्यमियों को परेशान नहीं दोने देगा। दूसरी बार अध्यक्ष निर्वाचित होने के उपरान्त वह पत्रकारों से रूबरू हुए और उद्योगिक समस्याओं व उनके समाधान को लेकर खुल के बोले। उन्होंने कहा कि दिवाली के आस पास  तीन चार  महीने प्रदूषण अधिक होने पर सरकार पावर ना मिलने पर भी उद्योगों को जनरेटर नहीं चलाने देती , जिससे उद्योगों को भारी नुक्सान उठाना पड़ता है। इसके लिए उन्होंने सरकार से मांग की है कि उद्योगों को कुछ देर जनरेटर चलाने की मंज़ूरी प्रदान करे ताकि जो कच्चा माल लाइन में हो वह खराब ना हो और उद्यमियों का नुक्सान ना हो।  यदि इस मामले में सरकार से राहत ना मिली तो उनकी संस्था अदालत का दरवाज़ा खटखटाएगी। इस पर
चैम्बर के मार्गदर्शक एचके मल्होत्रा ने कहा ने कि सरकार के अपने आंकड़े  कहते हैं कि उद्योगों से मात्र दो प्रतिशत प्रदूषण ही होता है , शेष 98 प्रतिशत प्रदूषण अन्य कारणों से होता है लेकिन  फिर भी इसकी कीमत उद्योगों को चुकानी पड़ती है।
फरीदाबाद चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज(एफसीसीआई) के अध्यक्ष एचके बत्रा ने कहा कि फरीदाबाद में नान कंफर्मिंग एरिया में करीब 16 हजार औद्योगिक इकाईयां संचालित हो रही है। यहां लोगों युवाओं को रोजगार मिला है। ऐसे में सरकार से मांग है कि नॉन कंफर्मिंग एरिया को नियमित कर उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराए। उनका कहना है कि जब सरकार अवैध कॉलोनियों को नियमित कर सुविधाएं दे रही है तो इंडस्ट्री के साथ भेदभाव क्यों। जबकि इंडस्ट्री सरकार से 18 प्रकार के लाईसेंस लेकर चला रही है। सरकार को टैक्स देने के साथ साथ लाखों लेागों को रोजगार भी दे रही है। वह सेक्टर 15 स्थित जिमखाना क्लब में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। प्रेसवार्ता में एफसीसीआई के महासचिव रोहित रूंगटा ,  डीएलएफ  इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रधान जेपी मल्होत्रा, एमपी रूंगटा ,रमेश झावर,  टीसी धवन, संदीप सिंघल , आरके चिलाना ,देवेन्द्र गोयल, सीए रजत मंगला , जितेंद्र गुप्ता आदि शामिल थे।
श्री बत्रा ने कहा कि आज इंडस्ट्री के सामने कई समस्याएं खड़ी है। बिजली पर्याप्त मिल नहीं पाती। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जनरेटर चलने नहीं देता, पीएनजी के रेट महंगे हो रहे हैं। इन सबका असर उद्योगों पर पड़ रहा है। जल्द ही इस मामले को लेकर केंद्र सरकार के सामने पक्ष रखा जाएगा। श्री बत्रा ने बताया कि उनकी एसोसिएशन की नई गर्वनिंग बॉडी बनी है। सभी मिलकर उद्योगों की समस्याओं को संभावित मंच तक पहुंचाने और उनका समाधान कराने का प्रयास करेगें। उन्होंने कहा कि कमेटी के साथ-साथ नई टीम को बढ़ावा देने के लिए कई सैल भी बनाए गए है। अलग-अलग डिपार्टमेंट वाइज काम देखेगें। हर कमेटी में एक चेयरमैन व एक को-चेयरमैन बनाया गया है। जो सभी प्रशासन एवं सरकार के साथ-साथ तालमेल बनाने का काम करेगें और क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करने पर फोकस रखेगें।