सीएम प्रदेश सरकार में लंबित मामलों को लेकर ब्यूरोक्रेसी से नाराज़ , स्टेट विजिलेंस की रिपोर्ट पर होगी शीघ्र एवं सख्त कार्रवाई

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चंडीगढ़ , 13 दिसंबर ( धमीजा ) ; हरियाणा सरकार सालों से विभागों में लंबित पड़े मामलों को लेकर ब्यूरोक्रेसी से नाराज हो गई है। हरियाणा विजिलेंस द्वारा विभागों को भेजे गए मामलों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट की समीक्षा के साथ ही सरकार ने लंबित मामलों की रिपोर्ट तलब कर ली है। साथ ही विभागाध्यक्षों को 2018 से अब तक लंबित लगभग 313 मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए हैं।

हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल  के अनुसार सरकार स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को मजबूत कर रही है। विभागों में मामलों की जांच के लिए चीफ विजिलेंस ऑफिसर (CVO) भी नियुक्त किया जाएगा। वर्ष 2018 से अब तक विभिन्न विभागों में 195 मामले लंबित हैं। इसके अलावा, विजिलेंस ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में 118 मामले लंबित हैं।

विजिलेंस रिपोर्ट पर होगी शीर्घ कार्रवाई , सीएम भी करेंगे समीक्षा 
मुख्य सचिव ने कहा कि कुछ मामलों में राज्य सतर्कता ब्यूरो की जो रिपोर्ट आती है, उस रिपोर्ट के आधार पर विभागों को आगामी कार्रवाई जैसे विभागीय कार्रवाई, जुर्माना लगाना इत्यादि सुनि‌श्चित करनी होती है। चूंकि, स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की रिपोर्ट सतर्कता विभाग व मुख्यमंत्री से अनुमोदित होती हैं, इसलिए ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

पिछले कुछ सालों में यह देखने को मिलता है कि कुछ अधिकारी विभागों में ऐसे मामलों को दबा लेते हैं और कई मामलों में आगामी कार्रवाई करने में देरी भी करते हैं। ऐसे मामलों के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में भ्रष्टाचार मामलों की समीक्षा हेतु हाई पावर कमेटी का गठन किया है। सीएम खुद भी ऐसे मामलों की समीक्षा करते हैं।

विभागीय रिपोर्ट के लिए तैयार होगा पोर्टल  
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशासनिक सचिवों के पास यह एक मॉडर्न टूल है, जिससे वे निरंतर ऐसे मामलों की निगरानी कर सकते हैं। इसलिए सभी प्रशासनिक सचिव समय-समय पर ‌अपने विभागों की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक पोर्टल भी विकसित किया जाएगा, जिस पर विभाग उपरोक्त 4 प्रकार के मामलों में एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) अपलोड कर सकेंगे। इससे रियल टाइम डेटा उपलब्धि होगा कि किस विभाग में किस स्तर पर कोई कार्रवाई लंबित है।