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उद्योगपति के आत्मदाह मामले में कई रहस्य बरकरार , पुलिस पर भी उठे सवाल ,चार महिलाओं सहित 5 गिरफ्तार

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फ़रीदाबाद , 18 जून : शहर के सेक्टर -16 में रहने वाले उद्यमी शंकर नरूला के आत्मदाह के चंद घंटो बाद ही पुलिस उन पांच लोगों को दिल्ली से उठा लाई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया , जो श्री नरूला को ब्लैक्मेल कर रहे थे और उनसे लाखों रुपए की फिरौतो मांग रहे थे । पुलिस उनसे सम्बंधित मामले की पूछताछ कर रही है । लेकिन इस पूरे मामले ने कयी प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं । आख़िर जिन आरोपियों को पुलिस पिछले कई दिनों से गिरफ़्तार नहीं कर पा रही थी , पीड़ित के आत्मदाह के चंद घंटो में ही पांच लोगों को हिरासत में ले लिया । गिरफ्तार पांच लोगों में से चार महिलाएं हैं।  गिरफ्तार लोगों के नाम मेरठ निवासी अरबाज़ रिज़वी , ईशा खान , ज़ीनत , आशिया तथा जूही है।
पीड़ित आत्मदाह से पहले सेक्टर -17 अपराध शाखा पुलिस स्टेशन गए थे । वहाँ ऐसा क्या हुआ कि वहां से निकलते ही पीड़ित ने अपराध शाखा के ही बाहर चंद कदमों पर दर्दनाक तरीक़े से अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह कर लिया । ये बात बिलकुल सही है कि उन्हें जिस तरह से ब्लैक्मेल किया जा रहा था वह उससे काफ़ी परेशान थे , लेकिन उन्होंने सिर्फ़ इसी परेशानी के कारण आत्महत्या करनी होती तो वह अपने घर पर या अपनी फ़ैक्टरी में या कहीं और भी आत्महत्या कर सकते थे , फिर ऐसा क्या था कि उन्होंने आत्महत्या की बजाय आत्मदाह किया और वो भी पुलिस की अपराध शाखा थाने के बाहर चंद कदमों पर , जब वह अपने केस की सुनवाई के लिए पुलिस के पास गए थे ।
क्या पीड़ित व मृतक इतना परेशान था कि उसने कोई सुसाइड नोट छोड़ा था ! यदि छोड़ा था तो पुलिस ने अभी तक उसका खुलासा क्यों नहीं किया ! यदि सुसाइड नोट छोड़ा गया तों आख़िर ऐसा क्या था उसमें जिसे पुलिस ने अभी तक उजागर ही नहीं किया । वह पुलिस स्टेशन अपनी कार में नहीं बल्कि दोस्त की कार मांग कर के गए थे और उनके  दोस्त को जब पता लगा कि श्री नरूला ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह कर लिया है तो उन्हें भी बड़ा झटका लगा और वह जब अपनी कार लेने सेक्टर -17 क्राइम ब्रांच गए थे। उन्हें अपनी कार में एक फ़ाइल मिली , उन्होंने देखा तो उसमें सुसाइड नोट था जिसे तुरंत पुलिस ने अपने क़ब्ज़े में ले लिया । उनके उस मित्र ने बताया कि उन्होंने सम्बंधित पुलिसकर्मी से कहा कि वह सुसाइड नोट की फ़ोटो अपने मोबाइल में ले लें तो मृतक के परिजनों को दे देंगे लेकिन पुलिस ने उन्हें फ़ोटो नहीं लेने दी । उनके मित्र का कहना है कि वह कल से इस बात से भी परेशान हैं कि जब उन्होंने अपने हाथों से सुसाइड नोट वाली फ़ाइल पुलिस को सौंपी थी तो वो सुसाइड नोट अभी तक सामने क्यों नहीं आया !
शहर के उद्योगपति के आत्मदाह का मामला गहराता जा रहा है , उनके मित्र ने बताया कि श्री नरूला ने उन्हें ये भी बताया था उनकी कार सेक्टर -17 क्राइम ब्रांच में ही खड़ी है इसीलिए उन्हें उनकी कार चाहिए । उन्होंने अपनी कार श्री नरूला को सौंप दी । गौर करने वाली बात ये है कि श्री नरूला की मौत के तुरंत बाद दो व्यक्ति एकाएक उनकी कार श्री नरूला के घर के सामने खड़ी भी कर गए , जब वह व्यक्ति उनकी कार खड़ी करने आये उन्ही के पीछे मृतक नरूला के भाई भी साथ थे जो कि अपनी कार में थे । क्या मृतक नरूला की कार को सादी वर्दी में पुलिस वाले ही ले कर आये और उनके घर के आगे खड़ी की या वो कोई और थे , इसका खुलासा भी अभी तक नहीं हो पाया है।  आख़िर उनकी मौत से पहले कहां थी उनकी KIA सेलटोस कार और उनकी मौत के बाद कौन उनके घर के बाहर कार खड़ी कर गया । ये बेहद महत्वपूर्ण है , चूँकि श्री नरूला की मौत के चंद मिनटों बाद ही उनकी कार उनके घर के आगे पार्क कर दी गयी थी।
उपरोक्त कयी ऐसे पेचीदा सवाल हैं जिसने उक्त उद्यमी की दर्दनाक मौत को रहस्यमयी बना दिया है और पुलिस की कारवाई पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं । सम्बंधित मामले को लेकर सेक्टर -17 थाना के प्रभारी नरेश कुमार एवं डीसीपी हेडक्वार्टर मुकेश मल्होत्रा से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि मामला डीसीपी क्राइम देख रहे हैं।  डीसीपी क्राइम तथा एसीपी क्राइम अनिल यादव से फोन पर कई बार बात करने की कोशिश की गयी लेकिन शायद व्यस्तता के चलते वह फोन नहीं उठा पाए।