Wednesday, June 19, 2024
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सनसनीखेज : करोड़ों के चक्कर में एमआर के मालिक प्रशांत भल्ला को जीते जी मार कर किया उनका अंतिम संस्कार , जाँच में जुटी क्राइम ब्रांच

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फरीदाबाद , 24 जून ( धमीजा ) : करोड़ों रुपये की ठगी का प्रयास करने वालों ने मानव रचना शिक्षण संस्थान के मालिक प्रशांत भल्ला को जीते जी मार डाला और उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया। प्रशांत भल्ला की करोड़ों रुपये की इंश्योरंस पॉलिसी के क्लेम के लिए जब इंश्योरेंस कम्पनी वाले उनकी पत्नी से मिले तो उनके होश फाख्ता हो गए।  श्री भल्ला की पत्नी ने इंश्योरेंस कंपनी  वालों से कहा कि उनके पति प्रशांत जीवित हैं और बिलकुल सलामत हैं ,लेकिन  इंशोयरंस कंपनी वालों ने उनकी पत्नी को प्रशांत भल्ला के अंतिम संस्कार की श्मशान घाट की पर्ची और उनका डेथ सर्टिफिकेट भी दिखाया। ये देख प्रशांत भल्ला की पत्नी दीपिका भल्ला का सर चकरा गया। उन्होंने तुरंत अपने परिवार वालों को सारे मामले की जानकारी दी और पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज़ करवाई।  मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच पुलिस को सौपी गयी है।

जी हाँ जालसाजों ने फरीदाबाद स्थित मानव रचना शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष डा. प्रशांत भल्ला को मृत दिखा फर्जी दस्तावेज बना करोड़ों की पालिसी का बीमा कंपनी में क्लेम कर दिया। कंपनी की ओर से सत्यापन के लिए बीमा कंपनी की टीम उनके गुरुग्राम के साउथ सिटी-वन स्थित घर पहुंची। वहां उनकी मिलकात डा. प्रशांत की पत्नी दीपिका भल्ला से हुई , अपने ज़िंदा पति की मौत की बात सुन वह अचंभित रह गईं। सर्वेयर सुरेश ने फाइल में लगा मृत्यु प्रमाण पत्र व श्मशान स्थल की पर्ची दिखाई। दीपिका समझ गईं कि फर्जीवाड़ा किया गया है। उन्होंने तुरंत सेक्टर 29 थाना पुलिस को शिकायत दी। पुलिस एफआइआर दर्ज कर जांच कर रही है।

मानव रचना शिक्षण संस्थान के स्कूल व कॉलेज  गुरुग्राम व फरीदाबाद सहित कई शहरों में चल रहे हैं। फरीदाबाद में मानव रचना इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी और कई स्कूल हैं। डा. प्रशांत भल्ला यूनिवर्सिटी के चांसलर भी हैं। पुलिस को दी शिकायत में दीपिका ने बताया उनके पति का पीएनबी मेटलाइफ कंपनी से बीमा है। पुलिस जाँच कर रही है कि कहीं ये सब बीमा कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से उनके पति की बीमा संबंधी जानकारियां लीक तो नहीं की गई ।

जालसाज़ इस पूरे मामले को बड़ी सफाई से अंजाम दे रहे थे, उन्होंने क्लेम की राशि लेने के लिए प्रशांत भल्ला की पत्नी के नाम पर गुडगाँव के एचडीएफसी बैंक की पालम विहार शाखा में खाता भी खुलवा लिया था , ताकि क्लेम की राशि उस खाते में आ जाए और वहाँ से निकाली भी जा सके। खाते खोलते वक़्त दीपिका के आधार कार्ड व पैन कार्ड की कॉपी कहाँ से आ गयी इसकी जांच भी की जा रही है। जालसाजी करने वाले की ओर से लगाए गए मृत्यु प्रमाण पत्र में 11 अप्रैल 2021 को प्रशांत भल्ला की मौत दिखाई गई है। दाह संस्कार की श्मशान स्थल की पर्ची भी दी गई है।

जिदा व्यक्ति को मृत दिखा रकम हड़पने इतनी बड़ी साजिश से डा. प्रशांत भल्ला का परिवार आशंकित है। दीपिका ने बीमा कंपनी, बैंक अधिकारियों व मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। यह भी जांच का विषय है कि मृत्यु प्रमाण पत्र प्रशासन की ओर से जारी हुआ या जालसाजी से बनाया गया। मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाले विभाग से पूरा रिकार्ड तथा श्मशान स्थल से जारी पर्ची की सत्यता जानी जाएगी। फिलहाल  घटनाक्रम से पूरा भल्ला परिवार आशंकित एवं हतप्रभ है।