Thursday, June 20, 2024
Latest:
BusinesscrimeHaryanaLatestNationalNCRStyleTOP STORIES

रियल एस्टेट कंपनी M3M तथा आईरियो पर ईडी के छापों के मामले में जज पर भी शिकंजा, बिल्डिरों की मदद का आरोप

Spread the love

गुरुग्राम ,6 जून ( धमीजा ) : हरियाणा का एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) एक बिल्डर पर पड़े छापों के मामले में सीबीआई के पूर्व जज पर अपना शिकंजा कसने लगी है। इस केस से जुड़े सभी लोगों ने वॉयस सैंपल जांच की अपनी सहमति दे दी है। M3M कंपनी के पार्टनर रूप बंसल ने भी इसके लिए अपनी सहमति जता दी है। इससे पहले पूर्व सीबीआई जज भी कोर्ट में वॉयस सेंपलिंग को लेकर अपनी सहमति दे चुके हैं।

गुरुग्राम में ईडी ने रियल एस्टेट कंपनी M3M के ठिकानों पर सोमवार को छापेमारी करके करीब 60 करोड़ की लगजरी कारें और लगभग 6 करोड की ज्वेलरी जब्त की हैं। M3M के मालिक बंसल बंधु हैं। हरियाणा के एक रिटायर्ड आईएएस का भी इस ग्रुप में बड़ा शेयर बताया जा रहा है। ईडी ने आरोप लगाया है कि एम3एम समूह के प्रवर्तकों- बसंत बंसल, रूप कुमार बंसल, पंकज बंसल एवं अन्य प्रमुख लोग तलाशी अभियान के दौरान जांच-पड़ताल से बचते रहे।

 जब्त की गई लग्जरी गाड़ियों की लिस्ट 
प्रवर्तन निदेशालय रियल एस्टेट कंपनियों के परिसरों की तलाशी के दौरान उसे फेरारी, लैम्बॉर्गिनी, लैंड रोवर, रोल्स रॉयस, बेंटले, मर्सिडीज एवं मेबैक जैसी 17 लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गई हैं। इनकी कीमत करीब 60 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा करीब 5.75 करोड़ रुपये मूल्य के गहने, 15 लाख रुपए नकद और कई अहम दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

रियल एस्टेट डेवलपर्स M3M और IREO पर ईडी की छापे की कार्रवाई में वित्तीय मामलों की जांच करने वाली एजेंसी ईडी ने बयान में कहा कि इन रियल एस्टेट कंपनियों के दिल्ली एवं गुरुग्राम स्थित 7 परिसरों पर एक जून को तलाशी अभियान चलाया गया था। इसी दौरान लग्जरी गाड़ियां जब्त की गईं हैं।

आईरियो तथा M3M में करीब 400 करोड़ का लेनदेन 

ईडी ने आरोप लगाया है कि एम3एम समूह के प्रवर्तकों- बसंत बंसल, रूप कुमार बंसल, पंकज बंसल एवं अन्य प्रमुख लोग तलाशी अभियान के दौरान जांच-पड़ताल से बचते रहे। एजेंसी पिछले कुछ वर्षों से आइरियो समूह के खिलाफ धन को दूसरी जगह लगाने और निवेशकों से मिले पैसे के दुरुपयोग के आरोपों की जांच कर रही है। ईडी के मुताबिक, उसे जांच में पता चला कि सैकड़ों करोड़ रुपए की राशि एम3एम ग्रुप के जरिए भी भेजे गए। ऐसे ही एक लेनदेन में 400 करोड़ रुपए कई कंपनियों से होते हुए एम3एम को आइरियो से मिले थे।

जज पर मदद करने का आरोप 
एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच में सामने आया था कि पूर्व जज कथित रूप से M3M के मालिकों की मदद कर रहा था।

जज के भतीजे पर बिचौलिया बनने का आरोप 
M3M के मालिक ललित गोयल के खिलाफ ईडी कोर्ट में धोखाधड़ी व धन की हेराफेरी का मामला चल रहा था। इस मामले में वर्ष 2021 में ललित गोयल की गिरफ्तारी की गई थी, जिसके बाद से यह मामला अदालत में लंबित था। एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि उक्त जज व एक अन्य व्यक्ति के बीच और जज के भतीजे का स्क्रीनशॉट प्राप्त हुए हैं।आरोप है कि जज का भतीजा बिचौलिये का काम कर रहा था।