Wednesday, July 17, 2024
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कुलदीप बिश्नोई के मामले में जांभोलाव धाम पंचायत एवं अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा आमने सामने , संत महंतों पर उठाये सवाल

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फरीदाबाद , 28 मार्च ( धमीजा ) : हरियाणा के पूर्व सांसद और पूर्व विधायक कुलदीप बिश्नोई को जांभोलाव धाम पंचायत के पत्र भेजने के विरोध में अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने जोधपुर में मीटिंग की। मीटिंग के बाद महासभा ने एक तीन पेज का नोटिस जारी करके जांभोलाव धाम पंचायत के पंचों को चेतावनी दी है कि वे कुलदीप बिश्नोई के साथ खड़ी है और ऐसे नोटिस जारी करके समाज को तोड़ने का काम न करें।

जोधपुर में हुई इस मीटिंग में महासभा ने कहा कि सोशल मीडिया से उन्हें एक पत्र मिला है, जिसमें महासभा के संरक्षक कुलदीप बिश्नोई पर समाज की मर्यादाओं को तोड़ने का कहते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की बात की गई है। जिसने भी यह पत्र लिखा उसकी महासभा निंदा करती है और इसे महासभा के संरक्षक कुलदीप बिश्नोई की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। समाज को तोड़ने वाली घटना मानती है।

महासभा ने उठाये बिश्नोई संत – महंतों पर सवाल 
महासभा तथाकथित पंच पंचायत को अनाधिकृत एवं गैर जिम्मेदारना मानते हैं तथाकथित पंच पंचायतों का महासभा के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करते। इसलिए संत समाज को आगाह करते हैं कि ऐसे गैर जिम्मेदाराना पंच पंचायतों का हिस्सा बनकर समाज को तोड़ने का कार्य न करें और न ही अपने समाज की प्रतिष्ठा गिराने का काम करें। इस पत्र से राजस्थान, हरियाणा और मध्यप्रदेश के बिश्नोई समाज में रोष है और जनभावना भड़कने का अंदेशा है।

महासभा ने कहा कि यदि किसी को कोई आपत्ति है तो वह महासभा को पत्र भेजे। यदि उचित हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। परंतु किसी पंच-पंचायत, संस्था, संत या महंत को इस तरह का तथाकथित नोटिस जारी करने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसे नोटिस समाज को जोड़ने का नहीं, तोड़ने का काम करते हैं है। किसी के बहकावे में आकर राजनीतिक स्वार्थपूर्ति के लिए ऐसे पत्र जारी करने वाले बिश्नोई समाज के हितैषी नहीं हो सकते तथा संतों के मुंह से किसी की निंदा तो वर्जित जानी गई है।

महासभा ऐसे तथाकथित पंच- पंचायत के सदस्यों के कृत्य को बिश्नोई सजा के लिए घातक मानती है। अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा की संपूर्ण कार्यकारिणी सर्वसम्मति से घोषणा करती है कि वे संरक्षक बिश्नोई रत्न कुलदीप बिश्नोई के साथ अडिगता से खड़ी है।

कुलदीप बिश्नोई के बेटे की सगाई के बाद जांभोलाव धाम ने माँगा था स्पष्टीकरण 
कुलदीप बिश्नोई के छोटे बेटे चैतन्य बिश्नोई की सगाई पंजाबी समाज की लड़की सृष्टि अरोड़ा के साथ हुई थी। जिसके बाद बिश्नोई समाज की जांभोलाव धाम पंचायत ने एक पत्र भेजकर कुलदीप बिश्नोई से स्पष्टीकरण मांगा था।

20 मार्च को भेजे गए नोटिस में बिश्नोई समाज पंच- पंचायत जांभोलाभ धाम ने कहा है कि हाल ही में समाज में कुछ समय से घटित घटनाक्रम पर विचार विमर्श करने पर यह पाया है कि आपने अपने आचरण से बिश्नोई समाज की मान मर्यादाओं एवं परम्पराओं को बार बार तोड़कर पूरे समाज की भावनाओं को आहत व शर्मसार किया है।

इसलिए इस पंचायत ने यह निर्णय लिया है कि क्यों न आपको समाज की मर्यादाओं को तोड़ने के कारण अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संरक्षक पद व बिश्नोई रत्न सम्मान से मुक्त किया जाए। आपको दो सप्ताह में इस नोटिस का जवाब दें, अन्यथा एकतरफा उचित कार्यवाही की जाएगी। जिसके लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे। इसके नीचे मुकाम पीठाधीश्वर सहित अन्य प्रमुख महंतों के हस्ताक्षर किए है।